अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol-vachanमोक्ष प्राप्ति यानि जीवन- मरण से मुक्ति। मोक्ष सभी चाहते हैं, प्रत्येक प्राणी में मोक्ष की कामना होती है, परन्तु मोक्ष प्राप्ति होती उन्हीं को है, जो सांसारिक लालसाओं से निर्लिप्त हो चुके हैं, परन्तु जो असंख्य योनियों में भ्रमण करने के पश्चात अनेक पुण्यों से प्राप्त इस दुर्लभ मानव योनि को भी पाप कर्मों में नष्ट कर देते हैं, उनके लिये मोक्ष की कल्पना कैसे की जा सकती है। तुम अकेले आये हो, अकेले ही जाना भी होगा, जो जीते जी संग्रह किया है, उसमें से कुछ भी साथ नहीं जायेगा। इस सच्चाई को जानते भी हो, फिर भी संग्रह करने में लगे हो। तृष्णा ने तुम्हें अंधा बना दिया है, वह तो बढती रहेगी, कभी समाप्त नहीं होगी, तब यह संग्रहवृत्ति ही भार बन जायेगी। यह तुम्हें संसार के कुचक्रों में डुबो देगी, क्योंकि हल्की वस्तुएं तैरती हैं और भारी डूब जाती हैं। तुमने तो संग्रह करने में पाप-पुण्य का भेद भी नहीं किया। पाप की गठरी को धन संग्रह की गठरी से भी भारी बना लिया, फिर तुम्हें तो डूबना ही है। ऐसे में मोक्ष प्राप्ति का विचार भी कैसे आयेगा।आप ये ख़बरें अपने मोबाइल पर पढना चाहते है तो दैनिक रॉयलunnamed
बुलेटिन की मोबाइलएप को डाउनलोड कीजिये….गूगल के प्लेस्टोर में जाकर
royal bulletin
टाइप करे और एप डाउनलोड करे..आप हमारी हिंदी न्यूज़ वेबसाइटwww.royalbulletin.comऔर अंग्रेजी news वेबसाइटwww.royalbulletin.in को भी लाइक करे.

Share it
Top