अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol-vachan-logoजब तक जीवन है, अपने लिये, समाज के लिये, राष्ट्र के लिये उपयोगी बने रहें। जो व्यक्ति इस संसार तथा समाज के लिये व्यर्थ और अनुपयोगी है, वह परलोक में भी अपनी सार्थकता सिद्ध नहीं कर सकता। जो इस जीवन की समस्याएं हल नहीं कर सका, वह पारलौकिक जीवन की समस्याओं का समाधान कैसे करेगा। सुखी जीवन के लिये भय और निराशा से मुक्त होना सबसे पहली शर्त है, जिसे जीवन में भय लगता है, उसके मृत्यु के बाद के जीवन में भी नैराश्य का भाव बना रहेगा, क्योंकि वह जहां भी जायेगा, अपने साथ यही मन:स्थिति और यही प्रवृत्ति लेकर जायेगा। एक उदास और निराश व्यक्ति जिधर भी जायेगा, उदासी और निराशा उसका साथ नहीं छोडेगी। जो सत्य और प्रेम के लिये अपने द्वार बंद रखता है, वह कदापि ईश्वर की ज्योति नहीं पा सकता। ईश्वर सबके हृदय में विद्यमान है, इसलिए हमें किसी से भी घृणा नहीं करनी चाहिए, किन्तु ऐसा वही कर पायेगा, जो विकारों से रहित हो गया हो। प्रभु को रिझाने के लिये मन का नहीं, स्वच्छ मन का होना आवश्यक है।आप ये ख़बरें अपने मोबाइल पर पढना चाहते है तो दैनिक रॉयलunnamed
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