अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol-vachanजीवनजीवी अर्थात जो जीने की कला जानते हैं, अपनी बुद्धि, चातुर्य तथा पुरूषार्थ से अपने जीवन का निर्माण करके सफलता, सौभाग्य तथा आनन्द प्राप्त करते हैं, जबकि मृत जीवी जीवन भर दुर्भाग्य, दुर्देव और परिस्थितियों का रोना रोते रहते हैं। जीवन बनाने वाले अपना जीवन बना ही लेते हैं। साधनों का अभाव रहते भी अपने जीवन का सुनिर्माण सुनिश्चित कर लेते हैं। उदासीन, निराशावादी, आलसी, प्रमादी व्यक्ति साधन सम्पन्न होते हुए जीवन की दौड में पिछड जाते हैं। हे आलसी जीव अपने सोये हुए आत्म ओज को जगा। जो जीवन जीने की कला में पारंगत हैं, ऐसे जीवंत जीवियों से प्रेरणा लेकर कुछ करने का संकल्प लें। जीवितों की भांति जीना सीखें, जीवनवान बनकर जीयें, जैसे-तैसे घिसटकर जीना भी कोई जीना है। जीवनवान वह है, जो मृतों में जीवन का संचार कर देता है, निर्जीवों में जीवन फूंक देता है।आप ये ख़बरें अपने मोबाइल पर पढना चाहते है तो दैनिक रॉयल unnamed
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