अनमोल वचन

अनमोल वचन

30_03_2016-spiritualityहे मनुष्य अपनी शक्ति को पहचान, क्योंकि शक्ति ही जीवन है, शक्ति ही धर्म है, शक्ति ही सत्य है, शक्ति ही सब कुछ है, शक्ति की सर्वत्र आवश्यकता है।शक्ति तुम्हारे भीतर है, शक्ति तुम्हारे बाहर है, शक्ति सर्वत्र है और शक्ति  तुम्हारे रोम-रोम में संचार कर रही है। सब ओर शक्ति का ही प्रकाश है, अनंत शक्ति तुम्हारे पीछे है। संसार के विचारों को हृदय से हटा दो और शक्ति के विचारों में स्वयं को केन्द्रित कर लो। शक्ति का संचय करो, शक्ति की ही उपासना करो। शक्ति तुम्हें सदा प्रसन्न रखेगी, शक्ति तुम्हें सदा सम्मान दिलायेगी। शक्ति के रहते तुम्हारा अपमान करने का विचार किसी के भी मन में नहीं आयेगा, इसलिए बलवान बनो, शक्तिमान बनो, निर्भय बनो, वीर बनो, साहसी बनो, तभी सर्वशक्तिमान परमात्मा का सानिध्य प्राप्त कर सकोगे, उसकी अनुकम्पाओं की पात्रता पा सकोगे।

Share it
Top