अनमोल वचन

अनमोल वचन

ऐसे लोगों से कभी अपनी समस्या साझा न करें जो एक कान से सुनकर उसे दूसरे कान से बाहर निकाल देते हैं। इसका अर्थ यही है कि वे किंचित भी आपकी परवाह नहीं करते। इसलिए सत्यपरामर्श देने का प्रश्र ही नहीं। ऐसे लोगों से भी अपनी किसी बात को न बताये जो आपकी बात सुनते तो हैं, परन्तु उसे दूसरों के सामने बता देते हैं। ऐसे लोगों से किसी भी महत्वपूर्ण बात को साझा करना खतरे से खाली नहीं। निश्चय ही वे आपकी योजना को किसी भी दशा में सफलता की मंजिल तक पहुंचने में अवरोधक का काम करेंगे। उससे सुनने वालों में आपके हितैषी और शुभचिंतक कम और हानि पहुंचाने वाले अधिक होंगे। एक से दूसरे में बात फैलती जायेगी जो आपकी बात को ह्रदय में सहानुभूति रखते हुए ध्यान से आपकी बात को सुनेगा वह आपको अपने बौद्धिक स्तर के अनुसार सत्यपरामर्श दे सकता है, परन्तु आपकी बात को दूसरों के सामने नहीं कहेगा। ऐसे लोगों पर आप भरोसा कर सकते हैं। अपने अन्तर की बात बता सकते हैं। ऐसे लोग ही आपकी ताकत होते हैं। इन्हें आपको कभी नहीं खोना चाहिए।

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