अनमोल वचन

अनमोल वचन

बुर्जुगी का सम्बन्ध वर्षों की संख्या के साथ नहीं मानसिक परिपक्वता के साथ है। कितने ऐसे इंसान है जो बुजुर्ग अवस्था में आकार भी मानसिक रूप से इतने परिवक्व नहीं हो पाते जितने परिपक्व कुछ किशोर अवस्था के बच्चे हो जाते हैं। आयु के लिहाज से हिरण्य कश्यप बहुत बडा था, किन्तु उसे घृणा के साथ याद किया जाता है, जबकि प्रह्रलाद उसका पुत्र होते हुए भी यथार्थवादी था इसलिए उसकी जय-जयकार हो रही है, क्योंकि उसने वह बात समय से समझ ली जो समझने लायक है वे कदम उठाये जो उठाने लायक थे, उसे जान लिया जो जानने लायक था इसलिए वह जय-जयकार का पात्र बना। जिस प्रकार आसमानी बिजली को इंसान ठीक से देख भी नहीं पाता वह आंखों से ओझल हो जाती है, जिस प्रकार समुन्द्र में उठती लहर एक पल में शांत हो जाती है उसी प्रकार हे इंसान तेरे श्वांसों का कोई है। तेरी जिंदगी पानी के बुलबुले के समान है, क्षण भंगुर है, जो सीमित समय तुझे प्राप्त हुआ है, उसके एक-एक पल का सदुपयोग कर प्रत्येक श्वांस की कन्द्र कर उन्हें इस प्रकार व्यतीत करो कि वे औरों के सुख और आनन्द का हेतु बने।

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