अनमोल वचन

अनमोल वचन

Anmol Vachanभावना से तात्पर्य है पवित्रता और संवेदनाओं के साथ व्यक्ति की सोच और चिंतन। संवेदना विहीन जीवन को कोई चाहे जितना भी संवार ले, ऐसा जीवन निरर्थक ही प्रतीत होता है, समस्त सम्पदाएं एवं उपलब्धियां निर्जीव एवं नीरस प्रतीत होती हैं। कृत्रिम पुष्प को कितना भी सजा लिया जाये, एक प्राकृतिक पुष्प के सौंदर्य के सामने वह पलभर भी नहीं टिक सकता, वैसे ही भावना विहीन व्यक्ति कितनी भी बडी उपलब्धियां हासिल कर ले, भावना सम्पन्न व्यक्तियों के सामने वे तुच्छ सी जान पडती हैं। आधुनिक जीवन का बाहरी श्रृंगार आन्तरिक सौंदर्य के सामने फीका है। यह आन्तरिक सौंदर्य कुछ नहीं, बल्कि व्यक्ति की भावनाशीलता है, यह सच है कि वैज्ञानिकों द्वारा अनगिनत आविष्कारों और खोजों ने जीवन को बडा आसान बना दिया है, किन्तु इन्होंने जीवन को यंत्रवत् बना दिया है, स्वार्थी और भावना शून्य बना दिया है, जीवन की नैसर्गिकता को विकृत कर दिया है, जीवन निराशा, हताशा और विषाद से घिर गया है। स्मरण रखने वाला सच यह भी है कि भावना शून्य और संवेदनहीन व्यक्ति जीवन में कितने भी ऊंचे पद पर पहुंच जाये, कितनी भी प्रगति कर ले, कभी भी आदर का पात्र नहीं हो सकता।

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