अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol vachan logoअपने देश के जंगल कटते गये, उपजाऊ भूमि कम होती गई, कंकरीट के जंगल बढते गये, नदियां नष्ट होती गई, तालाब गायब हो गये, उन पर मकान बनते गये, पानी का स्रोत नीचे और नीचे जाता रहा। किसान बर्बाद होते गये। अब किसान आत्महत्या करने लगे हैं और समाज सरकार को (चाहे वह किसी भी पार्टी की हो) दोष दे रहा है। इसी प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में दशा खराब है, सोचनीय है। सच्चाई यह है कि अध्यापकों ने अध्यापन कार्य से मुंह ही मोड लिया है। सरकारी स्कूल स्तरहीन होते गये। अध्यापकों ने विद्यालयों में नियमित जाना और पढाना कम कर दिया है। वे स्वयं ट्यूशन के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करने लगे। अभिभावक भी इसमें भागीदार बनने लगे और बच्चों पर दबाव बनने लगा। इस स्थिति को सुधारने के लिए सरकार के साथ समाज के संगठित प्रयास ही कारगर हो सकते हैं। समाज के दृष्टिकोण में परिवर्तन बहुत जरूरी है। प्रत्येक कार्य के लिए सरकार को दोष देना और प्रत्येक कार्य सरकारी स्तर से ही हो इसकी अपेक्षा करना ठीक नहीं। प्रबुद्ध समाज और नागरिक अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों को भी समझें अन्यथा बहुत बडा संकट सन्निकट है सामना करने को तैयार रहें।

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