अनमोल वचन

अनमोल वचन

Anmol Vachanकोई माने या न माने पर यह सच है कि किसी से दुर्भाव या मनमुटाव रखना व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है। इसके विपरीत व्यक्ति किसी को क्षमा कर देता है तो इसका उसके शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। मनोवैज्ञानिक ने अपने शोध से सिद्ध किया है कि जिन लोगों ने किसी के प्रति अपने दिल में भरी हुई नकारात्मक भावनाओं को निकाल दिया उनकी रक्तचाप जैसी बीमारी बिना औषधि के ही स्वत: ही ठीक हो गई। नकारात्मक भावों जैसे प्रतिशोध, घृणा, तनाव, निराशा, क्रोध तथा आक्रोश का शरीर पर बुरा प्रभाव पडता है। इन नकारात्मक प्रवृत्तियों का ह्रदय पर ज्यादा ही प्रभाव पडता है। उच्च रक्तचाप के रोगियों को किसी के प्रति बैर-भाव नहीं रखना चाहिए तथा क्रोध से बचना चाहिए। घर-परिवार में रहते हुए ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं कि व्यक्ति क्रोध करता है। कुछ का स्वभाव तो गुस्से वाला ही हो जाता है और कुछ को परिस्थितिजन्य गुस्सा आता है। आन्तरिक रूप से लगातार गुस्सा करने से मन में दुर्भाव आ जाते हैं। लगातार क्रोध करना मानवीय स्वभाव की विकृत्तियां हैं। जिस प्रकार फूंक मारने से दर्पण धुंधला हो जाता है उसमें चेहरा साफ नहीं दीखता उसी प्रकार क्रोध के आवरण से आत्मा का दर्पण धुंधला हो जाता है उसमें हम स्वयं नहीं दिख पाते। इसलिए क्रोध जैसे शत्रु से बचकर चले।

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