अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol vachan3कुछ लोग स्वयं को गरीब मानते हैं और जिन्हें वे अमीर मानते हैं अथवा इन्हें जो लोग अमीर दिखाई देते हैं उनसे ईष्र्या करते और द्वेष रखते हैं, परन्तु यह मानने को तैयार नहीं कि ईश्वर ने तुम्हें और उन लोगों को अपनी ओर से जिस सम्पत्ति का वरदान दिया है वह समान है। उन्हें शक्ति दी है, जिसके बल पर वे श्रम करते हैं वह शक्ति आप में भी है। कर्मेन्द्रियां हाथ और पैर, आंख आदि और ज्ञानेन्द्रियां बुद्धि विवेक आपके पास भी हैं, जो उनके पास है। आपको भी समय की सम्पत्ति उतनी ही प्रदत्त है जितनी उन कथित अमीरों को दी है। प्रतिभा का वरदान उनको भी मिला है आपको भी मिला है। प्रभु के दिये वरदानों का सही उपयोग कर वे अमीर हुए हैं। आप उन वरदानों का सही उपयोग क्यों नहीं कर पाये। थोडा ही सही किन्तु जो आपने अब तक कमाया है इन्हीं वरदानों के द्वारा कमाया और उन कथित अमीरों ने भी इन्हीं के बूते पर इतना कुछ कमाया। केवल अंतर यही है कि उन्होंने उनका सही उपयोग किया है और आपने उन मूल्यों को समझा ही नहीं।

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