अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol vachan1हम दूसरों के लिए तभी पूज्य और आदरणीय हो सकते हैं जब हम निष्पाप हों, क्योंकि वही व्यक्ति पूजा जाता है, उसी को श्रद्धा के पुष्प अर्पित किये जाते हैं, जो निष्पाप, निष्कलंक, नि:स्वार्थ होगा, जिसका चरित्र शीशे के समान पारदर्शी और दैदिप्यमान हो। उसके द्वारा कुछ ऐसे काम होने चाहिए, जिससे लोग कहें कि इस व्यक्ति ने समाज और देश के लिए अमुक कार्य करके दिखा दिया। आपके मन में भी कभी न कभी ऐसा विचार आता होगा जब आपके सामने किसी की जय-जयकार बोली जा रही हो कि काश मेरी भी जय-जयकार बोली जाये, मेरे गले को भी फूल-मालाओं से लादा जाये, परन्तु कभी सोचा है कि इसके लिए आपने कौन सा प्रयास किया है तथा आपमें भगत सिंह की तरह देश पर बलिदान होने की भावना आई। धर्म संस्कृति और अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप जैसों को अपना आदर्श बनाकर उन जैसा कोई काम किया। सोचा हुआ नहीं बल्कि किया हुआ काम आता है। केवल सोचने वालों की यहां कोई कमी नहीं। आप कोई ऐसा संकल्प करें कि कुछ ऐसा काम करके जाऊंगा जिसे आने वाली पीढियां उसे अपना आदर्श बनायें और उसका अनुकरण करें।

Share it
Top