अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol vachan3वेद का ऋषि कहता है ‘जिस स्थान में स्त्रियां रहती हैं उन्हें उस स्थान के लिए कल्याणकारी होना चाहिए अर्थात वह अपने उस घर की व्यवस्था सही रखे, जिससे वह घर दिनों दिन उन्नति करें, कही सूप कही पडी बुहारी, कही लुढकती चलनी न्यारी। इस प्रकार की कुव्यवस्था को फूहडपन माना जाता है, जो वस्तु जिस स्थान पर होनी चाहिए उसका उसी स्थान पर होना ही स्वच्छता कहलाता है। चीजें इधर-उधर पडे रहना गन्दगी है। मकान साफ-सुथरा, लिपा-पुता झाडा-बुहारा और स्वच्छ दिखने वाला हो। मान लिया रंग रोगन पुताई आदि ठीक किये हुए हो, किन्तु उसमें सामान अस्त-व्यस्त पडा हो तो वह गन्दा ही दिखाई देगा। प्रत्येक वस्तु का स्थान नियत हो। उसे सदैव उसी स्थान पर रखने की आदत डालो सभी परिजन इस नियम का पालन करें। अपने रहने के स्थान की उत्तरोत्तर उन्नति ही आदमी को सम्मान दिलायेगी, जो भी त्रुटियां दिखाई पडे उन्हें धीरे-धीरे दूर करती जाओ, सबसे अधिक स्वच्छता रसोईघर में होनी चाहिए क्योंकि वहां स्वास्थ्य का पोषक, रक्षक तथा जीवन का सुरक्षा प्रहरी भोजन तैयार किया जाता है।

Share it
Top