अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol vachan3जिसे हम छुपा नहीं सकते वह हमारा व्यक्तित्व है। व्यक्तित्व ऐसी चीज है, जो दूसरों के सामने स्वत: ही प्रकट हो जाता है। यदि कोई भीतर से दुष्ट और कलुषित विचारों वाला है और ऊपर से वह आदर्श और भला मानुष दिखने का नाटक करता है तो उसका यह नाटकीय व्यक्तित्व अधिक समय तक नहीं टिक सकता। समझने वाले उसके भीतर विद्यमान कुटिलता को जान लेते हंै आप कुछ लोगों को कुछ समय तक मूर्ख बना सकते हैं, परन्तु आप सबको सदा मूर्ख बनाकर नहीं रख सकते। आपका असली व्यक्तित्व एक न एक दिन खुल ही जाता है। विडम्बना न कहे तो क्या कहे कि आज राजनेता, अफसर, धनवान, व्यापारी सभी दुहरे व्यक्तित्व वाले दिखाई देते हैं। उनके चेहरे पर लगे मुखौटे उनके असली रूप को कुछ समय तक छुपाये भी रहते है। यह दुहरे व्यक्तित्व का खेल आज की भ्रष्ट राजनीति, धर्म और समाज में खुलकर खेला जा रहा है, कुछ लोग तो इसे जीवन का अनिवार्य अंग मानने लगे हैं। सच्चाई यह भी है कि जो दुहरे व्यक्तित्व को लेकर चलते हैं वे स्वयं के प्रति भी ईमानदार नहीं होते। उनमें असुरक्षा का भाव आ जाता है। दूसरों पर तो वे संदेह करते ही है, स्वयं पर से भी उनका विश्वास उठ जाता है।

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