अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol vachan1मनुष्य का व्यक्तित्व ही उसका दर्पण होता है। आप किसी से मिलिए सभा-सोसाइटी में जाईये, मित्रों के बीच बैठिये, आपका व्यक्तित्व थोडी ही देर में आपका परिचय वहां उपस्थित लोगों को दे देगा कि आप कैसे व्यक्ति हैं। आप गम्भीर हैं, क्रोधी हैं, असंतुलित बुद्धि के हैं, दूसरों से सामंजस्य स्थापित करके चलते हैं अथवा दूसरों की उपेक्षा करके केवल अपनी बात मनवाते हैं आदि ऐसी अनेक बाते हैं, जो आपके व्यक्तित्व का अंग बनकर दूसरों को आपके बारे में राय बनाने का अवसर देती है व्यक्तित्व हमारे अन्दर की आत्म अभिव्यक्ति है। व्यक्तित्व वह प्रकाश पुंज है जिसका स्रोत हमारे भीतर ही विद्यमान है। व्यक्ति के आन्तरिक गुण ही व्यक्तित्व के रूप में प्रकाशित प्रसारित होते हैं। अन्त:करण जितना परिष्कृत होगा, भावनाऐ जितनी पावन होगी तथा विचार जितने उत्कृष्ट होंगे व्यक्तित्व उतना ही प्रखर तथा ज्यातिर्मय होगा।

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