अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol vachanहमारे भीतर प्रभु की दी हुई असीमित ऊर्जा शक्ति छिपी पडी है जिसे न तो हम पहचान पाते हैं न ही उनका समुचित उपयोग कर पाते हैं। जिस प्रकार एक छोटे से बीज में बडा वृक्ष बनने की क्षमता, सुषुप्त रूप में होती है और यदि उसे उपर्युक्त परिस्थिति, वातावरण तथा पोषण मिलता है तो वह अपने असली रूप में विकसित होने लगता है। ठीक उसी प्रकार हर मनुष्य के भीतर कई प्रकार की सम्भावनाएं मौजूद है, परन्तु उपयुक्त परिस्थिति के अभाव में वह स्वयं में निहित क्षमताओं को उजागर नहीं कर पाता। यदि मनुष्य अपनी क्षमताओं का उपयोग करना सीख लें तो ही वह स्वयं के भीतर निहित असीमित क्षमताओं से परिचित हो सकता है। छोटे से परमाणु में भी अजस्र शक्ति भरी होती है। यदि उसके विस्फोट का सुनियोजन हो तो प्रतीत होगा कि ‘कुछ न’ दिखने वाले में ‘सब कुछ’ स्तर की शक्ति थी। इसी प्रकार अपनी शक्ति को सीमित न समझो। जिसके दिल में कुछ कर गुजरने की चाहत हो वे ऐसे बडे कारनामे कर दिखाते हैं, जिनके बारे में उनके साथी भी कल्पना नहीं कर सकते।

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