अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol vachanसमस्याएं प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में आती हैं। समाज और देश को भी समस्याओं से जूझना पडता है। यह एक अनिवार्य सत्य है। कोई व्यक्ति ऐसा नहीं मिलेगा, जिसे जीवन में किसी समस्या से सामना न हुआ हो, समस्याएं समाधान चाहती हैं, पर समाधान हो कैसे? सही समाधान तो तभी निकलेगा, जब मन की स्थिति संतुलित बनी रहे। आवेश ग्रस्त विचलित, क्रोधग्रस्त मस्तिष्क के लिये सही समाधान ढूंढना कठिन ही नहीं, असम्भव है। जब व्यक्ति मानसिक संतुलन ही कायम नहीं रख पाता तो समाधान ढूंढने में कैसे सफल होगा। हर दशा में मानसिक स्तर ऐसा होना चाहिए, जिसके सहारे अवरोधों को दूर करने और प्रगति के उपाय खोजे जा सकें। आवेश और तनावों से रहित मस्तिष्क ही सफलता दिला सकता है। आवेश, क्रोध तथा तनाव तो स्वयं में ही विपत्ति है, जो नई-नई कठिनाईयों और समस्याओं को उत्पन्न करते रहते हैं। उन्हीं के कारण ऐसे अवांछनीय कदम उठते हैं, जो नई विपत्तियां पैदा कर देते हैं। समाधान के स्थान पर नई समस्या उत्पन्न करने वाला यह असंतुलन, अपरिपक्वता का चिन्ह है। विजेता वही बनता है, जो आवेश, क्रोध और तनावों से रहित रहकर मानसिक संतुलन बनाये रखकर समस्याओं का सटीक समाधान ढूंढ ले।

Share it
Share it
Share it
Top