अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol vachanआज स्पर्धा और दिखावे का युग है। सब एक दूसरे को देखकर उनसे आगे बढना चाहते हैं, कम से कम बराबरी तो करना चाहते ही हैं। हम अपने पास विभिन्न जीवन शैलियां देखकर उनकी नकल करना चाहते हैं। समाज के उच्च श्रेणी के लोग जिस प्रकार का खान-पान, उठना-बैठना, व्यवहार आदि करते हैं उसी की नकल करना चाहते हैं और यह नहीं सोचते कि इस प्रकार के व्यवहार हमारी जीवन पद्धति के अनुकूल है या नहीं। हमें अवश्य ही यह देखना चाहिए कि अनुसरण के लिए उस कार्य अथवा व्यवहार का हमारे अनुकूल होना भी आवश्यक है। आधुनिक संचार माध्यमों से विभिन्न प्रकार की जीवन शैलियां और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के कारण हममें पश्चिम के आचार-व्यवहार और तौर तरीके की नकल करने की होड लग गई है। यहां तक कि गृहस्थ जीवन में किये जाने वाले निजी व गोपनीय व्यवहारों को भी सार्वजनिक और सामुहिक रूप से करने को गौरव माना जा रहा है। हमारे लिए यह कितनी शर्म की बात है कभी सोचा है? कम से कम हम भारतीयों को अपनी सभ्यता, संस्कृति के मूल तत्वों को सदा याद रखते हुए इस भेडचाल से अपने को बचाना चाहिए।

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