अनमोल वचन

अनमोल वचन

anmol vachan3एक समय था जब हमारे आदर्श भगवान राम, भगवान कृष्ण, हमारे शिक्षक, जीवन में सफलता प्राप्त करने वाले खिलाडी, वैज्ञानिक, देश पर मिटने वाले शहीद और हमारे वीर सैनिक होते थे, परन्तु आज उनका स्थान फिल्मी सितारों ने ले लिया है। हमें भावी पीढी को इस प्रकार शिक्षा देनी चाहिए कि वे स्वयं विवेकशील बने। हमारी संस्कृति और सभ्यता के अनुसार अपना आदर्श स्थापित कर उनका अनुसरण करें। शास्त्र कहते हैं कि हमें उस मार्ग का अनुसरण करना चाहिए, जिस मार्ग पर हमारे आदर्श पुरूष चले हो। वही मार्ग श्रेष्ठ है। अनुसरण का अर्थ है नकल करना। बच्चे भी नित्य कर्मों में बडों के अनुसरण के द्वारा ही सीखते हैं। यदि किसी शिशु को समाज से अलग करके रख दिया जाये तो वह किसी का भी अनुसरण न करने की स्थिति में रहने के कारण असहाय और अज्ञान की स्थिति में ही रह जायेगा। शिशु को किसी भी क्रिया को सीखने के लिए पूछने की आवश्यकता नहीं होती। वह अन्य लोगों के अनुसरण से सीख जाता है। इसलिए सन्तान को अच्छे संस्कार और अच्छी आदतें डालने के लिए उसके बडों को अपने कार्यों और व्यवहार से अच्छे आदर्श उपस्थित करने चाहिए। ऐसे आचरण और व्यवहार से दूर रहे, जिनसे बदनामी मिलती हो। अपनी सन्तान की उन्नति के लिए अच्छे मां-बाप बडे से बडे त्याग को तत्पर रहते हैं। क्या आप अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए अपने बुरे स्वाभाव और अनैतिक आचरण का त्याग नहीं कर सकते।

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