अनमोल वचन

अनमोल वचन

कौन व्यक्ति कैसा है, यह पता चलना तो कठिन है, किन्तु उस व्यक्ति का व्यवहार जिस रूप में सामने आता है, उसके आधार पर व्यक्ति को पहचाना जा सकता है। हम बाहरी जगत में जिस रूप में प्रकट होते हैं, हमारा आचरण कैसा है, हमारी अभिव्यक्ति क्या होती है, हम दूसरों के प्रति, पदार्थों के प्रति, व्यक्ति के प्रति कैसा व्यवहार करते हैं, उस व्यवहार से हमारा पूरा व्यक्तित्व झलक जाता है। एक आदमी बगीचे के भीतर चल रहा है और जगह-जगह गंदगी फैलाता चल रहा है। फूलों को, पत्तियों को तोड रहा है। बिना किसी प्रयोजन के पेड-पौधों, वनस्पति सबको खराब कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसा आदमी भी, जो प्रात:काल भ्रमण करता है, जहां कहीं कुछ पडा दिखाई देता है, उसे मुख्य मार्ग से उठाकर दूर रख देता है। दो व्यक्ति, किन्तु दोनों का आचरण भिन्न है। इससे पता चलता है कि व्यक्ति के मन में कैसी जागरूकता है, उसकी सोच कैसी है, उसका व्यक्तित्व कैसा है, कुल मिलाकर यह व्यक्ति किस स्तर का है। शेक्सपीयर कहते हैं ‘हम जानते हैं हम क्या हैं, पर नहीं जानते कि हम क्या बन सकते हैं। यह भी सही है कि हमारे व्यक्तित्व का सही-सही मूल्यांकन दूसरे ही करते हैं। अपनी दृष्टि में तो सभी सही कर रहे हैं, परन्तु दूसरा आदमी आपके व्यवहार के बारे में, आपके बारे में क्या सोचता है, यह आप नहीं जान सकते।

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