अनमोल वचन

अनमोल वचन

जिस प्रकार जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और स्वस्थ दीर्घ जीवन की कामना सभी को होती है, उसी प्रकार सम्मान और यश प्राप्ति की अभिलाषा भी सभी को होती है, किन्तु सम्मान और यश जिन कार्यों और त्याग से प्राप्त होता है, उन्हें करने को कितने लोग तैयार होते हैं। कुछ अपवादों को छोड दें तो उचित योग्यता के अभाव में क्या किसी को सम्मान मिला भी है। जिन गुणों और योग्यता के कारण यश मिलता है, सम्मान बढता है, उन्हें उत्तरोत्तर विकसित न किया जाये तो यश कीर्ति पाने की महत्वाकांक्षा अधूरी ही रहेगी। योग्यता विलक्षणता, परिश्रम और अभ्यास से मिलती है। इसके लिये सबसे पहले साहस उत्पन्न करना पडता है। साहस के बिना वह शक्ति नहीं आती, जो विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य स्थिर रख सकें। सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के लिये संघर्ष का सामना साहस के बल पर किया जा सकता है। साहस से सहिष्णुता आती है, जिससे हंसते हुए उन कठिनाईयों को झेला जा सकता है। जब इस प्रकार का विशाल हृदय मनुष्य का बन जाता है तो यश स्वयं चलकर आपके पास आ जाता है, किन्तु ये श्रेष्ठताएं जिनके होने से यश, सम्मान की प्राप्ति होती है, व्यक्ति में यदि संस्कार रूप में विद्यमान न हो तो किसी की देखादेखी अन्धानुकरण पर भी आधारित न हो अन्यथा अधिक समय तक उन विशेषताओं में टिके रहना सम्भव ही नहीं।

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