अनमोल वचन

अनमोल वचन

‘साधु’ का अर्थ होता है सिद्ध पुरूष अर्थात तपा हुआ। हमारे मानस पटल पर साधु की छवि कुछ लाल गेरूए वस्त्र धारक व्यक्ति के रूप में आती है, क्योंकि हमने अपने जीवन काल में ऐसा ही देखा है, ऐसा ही सुना है, किन्तु आज का जिज्ञासु मन साधु शब्द के बाहरी आवरण के भीतर कुछ और ऊंचा खोजना चाहता है। इसमें कई बार हमें निराशा का मुंह देखना पडता है। भगवा वस्त्रधारी हमें साधु नहीं, स्वादु प्रतीत होता है। हम तो उसे एक ज्ञानी, तत्वदर्शी, आध्यात्मिक गुरू के रूप में ही देखना पसंद करते हैं, किन्तु आज के परिवेश में भौतिक सुख साधनों का पूरा ‘आनन्द’ लेने वाले ‘साधुओं’ की संख्या भी कम नहीं। साधारण आदमी काफी आशाएं लेकर उनसे कुछ पाने के लिये जाता है। ऐसे सुख भोगी ‘साधुओं’ के पास जाकर वह और अधिक निराश हो जाता है। ऐसे में प्रबुद्ध साधु समाज ही यह कत्र्तव्य निभायें कि वह ऐसे ढोंगियों को समाज में बेनकाब करे, ताकि सामान्य जनमानस ऐसे ढोंगियों के चंगुल में फंसने से बच जाये और साधु समाज के प्रति जो भ्रांतियां पैदा हो गई हैं, वे समाप्त हो सकें।

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