अनमोल वचन

अनमोल वचन

हमारे पूर्व जन्मों के पाप-पुण्यों के आधार पर ही परमात्मा ने हमें मानव योनि प्रदान की है। अपने अच्छे कर्मों से हम इस चोले को संवार सकते हैं। इस चोले में खूबसूरती के रंग भर सकते हैं। शक्ल अच्छी या बुरी की बात नहीं, चेहरा अच्छा या बुरा होने की बात भी नहीं है। रंग काला या गोरा होने की बात नहीं है। बात तो गुणों की है। आपका चेहरा सुन्दर नहीं है, किन्तु आप गुणों से भरे पडे हैं तो आपके प्रति आकर्षण होना स्वाभाविक है। चाणक्य का चेहरा सुन्दर नहीं था, परन्तु उनकी बहुआयामी योग्यता को लोग आज भी सलाम करते हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं, जिनके चेहरे सुन्दर नहीं हैं, परन्तु उनको सुनने को बहुत लोग लालायित रहते हैं। मां-बाप को चाहिए कि वे बच्चों को सुसंस्कारित करने की ओर ध्यान केन्द्रित करें। विचारों से उन्हें भव्य बनायें। सूरत शक्ल उनकी कैसी भी हो, उनमें गुणों की वृद्धि करें, उन्हें अच्छे संस्कार दें। उन्हें सच्चाई और सादगी का पाठ पढायें। सादा जीवन और उच्च विचार एक साधारण आदमी को भी महान बना देते हैं। सादगी में भी महानता छिपी है। योग्यता और गुणों का आदर पहले भी किया जाता था, आज भी किया जाता है। यदि सादगी का गुण भी उनमें सम्मिलित कर लिया जाये तो सोने पर सुहागा वाली कहावत चरितार्थ हो जाये।

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