अनमोल वचन

अनमोल वचन

हमारे अन्दर ऐसी अपार शक्तियां छिपी पडी हैं, जिनसे प्राय: हम अनभिज्ञ रहते हैं। आवश्यकता है उन्हें जगाने की, जिससे वे हमें हमारी मंजिल तक पहुंचा सकें, सफलता दिला सकें। विशाल वट वृक्ष की शक्ति सूक्षम से बीज में छिपी रहती है। यही बीज भूमि में पडकर उपयोगी खाद पानी प्राप्त करके बडे वृक्ष के रूप में प्रस्फुटित होता है। इसी प्रकार मनुष्य के अन्दर भी समस्त सभ्यताएं एवं शक्तियां बीज रूप में छिपी हुई हैं, जिसको विवेक के जल से अभिसींचित कर, श्रेष्ठ विचारों का उर्वरक खाद देकर जागृत किया जा सकता है। यदि व्यक्ति अपने अन्दर की अमूल्य शक्ति एवं सामथ्र्य को जान लेने में सफल हो जाये तो वह सामान्य से असामान्य बन जाये, साथ ही असामान्य से महान बनने का मार्ग भी प्रशस्त हो जाये। मनुष्यों की संगठित शक्ति यदि श्रेष्ठ मार्ग पर चल पडे तो विश्व का कायाकल्प कर सकती है। शक्ति के उदित होते ही असम्भव समझे जाने वाले कार्य भी सम्भव हो जाते हैं, जिनको पूर्ण होते देखकर मानव स्वयं आश्चर्यचकित हो जाता है। अपनी शक्ति को जानने और पहचानने के लिये आत्मविश्वास की बडी भूमिका होती है। सच्चाई यह है कि आदमी को स्वयं ही यह विश्वास नहीं हो पाता कि वह इतनी बडी शक्ति और ऊर्जा का स्वामी है। विश्वास के साथ आगे बढिये, सफलता आपकी चेरि बन जायेगी।

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