अनमोल वचन

अनमोल वचन

भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डा. राधाकृष्ण जो एक दार्शनिक भी थे, का कहना था ‘भविष्य बनाने के लिये वाक कला में निपुर्णता से अच्छी कोई डिग्री नहीं हो सकती और इसे प्राप्त करने वाला कोई भी हो सकता है, भले ही उसकी शैक्षिक योग्यता न के बराबर हो मनुष्य यदि सच में अपनी बातचीत की कला को विकसित करना चाहता है, उसे प्रभावी बनाना चाहता है तो उसके लिये विनम्रता, सहजता, सच्चाई और आत्मविश्वास का होना अनिवार्य है, बातचीत की कला जिस स्तर तक अपना प्रभाव डालती है, इस पर हुए सर्वेक्षण से यह बात सामने आई है कि काम धंधे में लगे व्यक्तियों में से केवल 15 प्रतिशत व्यक्तियों ने ही अपने ज्ञान के कारण सफलता पाई, जबकि 85 प्रतिशत व्यक्तियों ने अपने व्यक्तित्व और वाककला के आधार पर जीवन में उन्नति प्राप्त की। एक ही बात को भिन्न तरीकों से कहा जा सकता है। सबके बोलने का अंदाज अलग-अलग है। इसी कारण किसी की बात मन की गहराई को छूती है और किसी की बातचीत का तरीका इतना घटिया होता है कि वह मित्र को भी शत्रु बना देता है, इसलिए ऐसी वाणी बोलें, जिससे दूसरा प्रभावित हो और आपसे सहमत हो।

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