अनमोल वचन

अनमोल वचन

कई लोग बिना किसी बात के, सामान्य घटना में ही मुंह फुलाकर, उदास और मनहूस से देखे जाते हैं, जो वातावरण में भी मुरदनी, नैराश्य और भयकंरता पैदा कर देते हैं, किन्तु ऐसे लोग भी होते हैं, जो अपनी प्रसन्नता, मुस्कराहट और आशा भरी हंसी से एक सजीव, सुन्दर, उत्कृष्ट वातावरण का निर्माण करते हैं। केवल मनुष्य के दृष्टिकोण, जीवन जीने की इच्छा शक्ति और जीने के अन्दाज का अन्तर है। हर समय अपने दुखों, परेशानियों और अभावों का रोना रोने वालों से लोग अपना पीछा छुडाना चाहते हैं, क्योंकि ऐसी समस्याओं की तो दूसरों के पास भी कमी नहीं। सामाजिक सहयोग, लोगों की सहानुभूति तथा अपने क्षेत्र में सफलताओं से वंचित होने का एक बडा कारण है दूसरों की आलोचना करना। कई लोगों को इसके बिना तृप्ति ही नहीं मिलती। हर समय हर बात को आलोचना की कसौटी पर कसना अच्छी बात नहीं। ऐसे लोगों से सभी दूर हटने की कोशिश करते हैं। फलत: ऐसे व्यक्ति दूसरों के अनुभवों, महत्वपूर्ण जानकारी, विचारों और ज्ञान से वंचित रह जाते हैं। ये बातें ही मनुष्य की उन्नति और सफलता में बाधक बन जाती है। इनका सर्वथा त्याग कर देना चाहिए।

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