अनमोल वचन

अनमोल वचन

धर्म के दस लक्षणों में पहला लक्षण है धैर्य। धैर्यवान व्यक्ति ही धार्मिक हो सकता है। वह विपत्ति में भी धैर्य नहीं छोड़ता। हाथी की मस्त चाल में जैसा धीरज होता है, दुख हो या सुख हो, मान हो या अपमान हो, हानि हो या लाभ हो, हार हो अथवा जीत हो, हर परिस्थिति में अपनी मस्त चाल से जो धैर्य से चलता है, वह धार्मिक है। जो दूसरों को क्षमा करना जानता है, वह धार्मिक है। जो दूसरों की त्रुटियों को तो क्षमा कर दे, परन्तु अपनी त्रुटि को अपने को कभी क्षमा न करे, जो इन्द्रियों का दमन करे, संयंम से रहे, किसी दोष को अपने अन्दर न आने दें, अपने ऊपर नियंत्रण रखे, जो विनम्र हो, अहंकार रहित हो, वही धार्मिक हैं।

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