अनमोल वचन

अनमोल वचन

अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिये तो सभी जीते हैं, किन्तु जीवन उन्हीं का धन्य है, जो दूसरों की सहायता को तत्पर रहते हैं। हम सभी को यथा सम्भव दूसरों की सहायता के लिये भी समय निकालना चाहिए। नित्य प्रति अपनी दिनचर्या में कुछ न कुछ अच्छा पढने का अभ्यास करना चाहिए। इससे व्यक्ति सकारात्मक विचारों के सम्पर्क में रहता है। अच्छे साहित्य को पढने से हमें दूसरों के अनुभवों के बारे में पता चलता है। अपने मन को विभिन्न तरीकों से यथा सम्भव स्थिर व एकाग्र करने का प्रयत्न करना चाहिए। मन जितना स्थिर तथा एकाग्र होगा, अपनी भावनाओं पर व्यक्ति का उतना ही अधिक नियंत्रण होगा। साथ ही भावनाओं का स्वस्थ विकास होगा। भावनाओं का स्वस्थ विकास होने से मनुष्य न केवल अपने व्यक्तित्व का समुचित विकास कर पायेगा, वरन् औरों के जीवन पर भी अनुकूल प्रभाव डाल पायेगा। अधिकांश मनुष्य इस धरती पर रोते हुए आते हैं, शिकायतें करते हुए जीते हैं और पश्चाताप करते हुए चले जाते हैं, परन्तु मात्र वही अपने जीवन में संतुष्टि प्राप्त कर पाते हैं, जो ऊंचे उद्देश्यों के लिये जीते हैं। समाज के लिये मरते हैं। ऐसे व्यक्ति भावनाशील कहे जाते हैं। जीवन के अनुभवों का सार यही शिक्षा देता है कि हम भावुक नहीं, भावनाशील बनें।

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