अनमोल वचन

अनमोल वचन

मनुष्य को भावनाओं में बहकर कभी भी अपने जीवन के निर्णय नहीं लेने चाहिए, क्योंकि ऐसी नाजुक मन:स्थिति में लिये गये निर्णय भविष्य के लिये अत्यंत हानिकारक सिद्ध होते हैं। दूसरों से बदला लेने, हानि पहुंचाने तथा द्वेष जैसी भावनाएं ऐसी हैं, जो व्यक्ति की कार्यशक्तियों को समाप्त कर अपनी प्रगति के मार्ग में बाधक बनती हैं और ऐसी भावनाओं वाला व्यक्ति जीवन में कभी सफल नहीं हो पाता। नकारात्मक भावनाएं हमारे मानसिक तथा शारीरिक दोनों प्रकार के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। यदि हम भावनाओं पर अपना नियंत्रण करना सीखें और इन्हें सही दिशा देना आरम्भ करें तो हमारे लिये ये स्वास्थ्यवर्धक होने के साथ-साथ अच्छे व्यक्तित्व के निर्माण में भी सहायक होंगी और इससे हमारे विकास की राह भी खुल जायेगी। भावनाओं पर नियंत्रण पाने के लिये जीवन में कठोर श्रम करना चाहिए और उससे मिलने वाले परिणामों को स्वीकार करना चाहिए। यदि परिणाम हमारी आशाओं के अनुकूल हैं तो मन में भगवान के प्रति कृतज्ञता का भाव होना चाहिए और विपरीत होने पर अपनी कमियों पर ध्यान देकर उन्हें सुधारना चाहिए। दूसरों की यथासम्भव सहायता, सुसाहित्य का स्वाध्याय, बुजुर्गों की सेवा के कार्य भावनाओं को सकारात्मक करने और रखने में परम सहायक सिद्ध हो सकते हैं।

Share it
Top