अनमोल वचन

अनमोल वचन

कई व्यक्ति किसी कार्य को हाथ में लेते समय अपनी सफलता पर संदेह करने लगते हैं। उस शंका के कारण वे पूरे मन से अपनी कार्य सिद्धि हेतु प्रयास भी नहीं कर पाते। ‘हम अवश्य सफल होंगे, कोई भी बाधा मेरी सफलता का मार्ग नहीं रोक पायेगी। ऐसा दृढ निश्चय का गुण हमें अपने भीतर जागृत करना चाहिए। एक अच्छा गुण ही हमारा मार्गदर्शन करते हुए हमारी शंकाओं को समाप्त कर सफलताओं को सुनिश्चित कर सकता है। यदि किसी कारणवश सफलता नहीं मिल पाती तो इसका सीधा अर्थ यही है कि हमारी तैयारी में कोई न कोई कमी रह गई है। असफलता के कारण का मंथन करते समय हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि मंथन से केवल अमृत कलश ही नहीं निकलता, बल्कि इसके साथ काल कूट नामक विष भी निकलता है। जो इस विष को पी लेता है, वह नीलकंठ हो जाता है। हम किसी भी मार्ग पर चलें, हमारे मन में कोई न कोई संदेह अवश्य बना रहता है। जब तक इस दुविधापूर्ण स्थिति से बाहर नहीं निकलेंगे, हम अपने भीतर आत्मविश्वास कायम नहीं रख सकते। किसी नये कार्य को आरम्भ करने में इसलिए डरते हैं, क्योंकि हम उसकी सफलता के बारे में कम और असफलता के बारे में अधिक सोचते हैं। यदि हमें सफल होना है तो उसके लिये परिश्रम भी तो हमें करना होगा, क्योंकि दूसरा हमारी अपेक्षाओं पर उतना खरा कभी नहीं उतर सकता, जितना हम चाहते हैं। अपने आत्मविश्वास को बनाये रखकर आगे बढते रहें, सफलता आपके कदम अवश्य चूमेगी।

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