अनछुआ शांत हिल स्टेशन ‘लैंसडाउन’

अनछुआ शांत हिल स्टेशन ‘लैंसडाउन’

lansdowne_उत्तर भारत का हिल स्टेशन लैंसडाउन उत्तराखंड राज्य में पौड़ी जिले में स्थित लैंसडाउन प्रकृति की गोद में शांत तथा सुकून से भरा हिल स्टेशन है। गर्मियों में वहां के ठंडे वातावरण का मजा लेना और व्यस्त जीवन शैली से स्वयं को अलग कर शांत वातावरण का मजा लेना कौन नहीं चाहेगा। लैंसडाउन को स्थानीय भाषा में कालुदंड भी कहा जाता है जिसका अर्थ है ‘काली पहाड़ी’। जो समुद्री तट से 1706 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। शायद कम लोग ही जानते होंगे इस हिल स्टेशन को लार्ड लैंसडाउन वायसराय ने खोजा था क्योंकि यहां का वातावरण उनके देश के वातावरण जैसा था। इस हिल स्टेशन को देवदार और बलूत के जंगलों ने घेरा हुआ है। इन्हीं जंगलों के कारण यहां का वातावरण उत्तम तथा शुद्ध है।
कैसे पहुंचे:-दिल्ली से काफी नजदीक पड़ता है। वहां से इसकी दूरी लगभग 270 किलोमीटर है। प्राय: दिल्ली वाले अपनी गाड़ी से साढ़े पांच से साढ़े छ: घंटे में लैंसडाउन पहुंच जाते हैं। वैसे अन्य स्थानों से यहां रेलमार्ग और सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। लैंसडाउन के लिए कोटद्धार नजदीकी रेलवे स्टेशन है वहां से टैक्सी द्वारा लैंसडाउन पहुंचा जा सकता है। अगर आप बाई एयर जाना चाहें तो देहरादून हवाई अड्डे तक पहुंचकर आगे जाने के लिए टैक्सी की मदद ले सकते हैं। उसी प्रकार प्राइवेट बस या सरकारी बस द्वारा कोटद्वार जाकर टैक्सी ले सकते हैं। कोटद्वार से हिलस्टेशन की दूरी लगभग 40 कि.मी. है।
प्राकृतिक नजारे (दर्शनीय स्थल):-
लैंसडाउन प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर है। आस पास के नजारे सैलानियों को आकर्षित करते हैं। आइए देखें आस-पास क्या देखें।
बूल्ला तालाब:-
यह अप्राकृतिक झील लैंसडाउन का आकर्षक स्थल है। इस तालाब का नाम गढ़वाली शब्द बूल्ला पर रखा गया है। बूल्ला शब्द का अर्थ छोटा भाई है। इस झील का मुख्य आकर्षक बोटिंग है। पैडल बोट्स भी यहां उपलब्ध हैं। इसे और खूबसूरत बनाने के लिए वहां फव्वारे लगाए गए हैं और बांस के मचान भी।
टिन इन टॉप:-
इन प्वाइंट से लैंसडाउन से दूर दूर तक फैले पहाड़ों का नजारा देखा जा सकता है जो मनभावन लगता है। जब मौसम साफ होता है तो हिमालय की बर्फ से ढकी लंबी रेंज यहां से देखी जा सकती है। यहां से सनराइज देखना बहुत मनमोहक लगता है। पहाड़ों के पीछे से उगते सूरज को देखना मन को रोमांचक कर देता है।
सेंटमेरी चचर्:-
यहां से कुछ दूरी पर 100 साल से अधिक पुरानी सेंटमेरी चर्च है जो सुंदर चर्चों में से एक है। इस चर्च का निर्माण सन 1896 में रॉयल इंजीनियर्स के ए.एच.बी ह्मूम ने किया था। फिर 1947 में इस खंडित चर्च को पुन: गढ़वाल
रेजिमेंटल राइफल्स सेंटर ने स्थापित किया।
तारकेश्वर महादेव मंदिर:-
यह मंदिर समुद्र तट से 2092 मीटर ऊंचाई पर एक पहाड़ की चोटी पर बना हुआ है। इस मंदिर के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु हर वर्ष यहां आते हैं। लैंसडाउन का तारकेश्वर महादेव मंदिर एक धार्मिक स्थल है जिसकी दूरी यहां से 39 कि.मी है। यह मंदिर विशेष शिवलिंग और गौरीकुंड के लिए प्रसिद्ध है। श्रद्धालु लोग मंदिर में दर्शन करने से पूर्व इस कुंड में पहले स्नान करते हैं।
टै्रकिंग का मजा:-
जिन्हें एडवेंचर का आनंद लेना हो, वे भैरव गढ़ी और रूट लवर्स जैसे प्वाइंट पर टै्रकिंग कर सकते हैं और जंगल सफारी का मजा भी उठा सकते हैं। यहां पर आपको कुछ टूर आपरेटर मिल जाएंगे जो आपकी ट्रैकिंग करने और जंगल सफारी देखने में मदद कर सकते हैं।
मुख्य आकर्षण यहां का मौसम:-
यहां का मौसम विशेष है। सैलानी मौसम का पूरा आनंद उठाते हैं। वैसे तो किसी भी मौसम में यहां जाया जा सकता है पर मार्च से लेकर नवंबर के बीच का वातावरण मधुर और सुहावना होता हे। दिसंबर में यहां ठंड पडऩी शुरू हो जाती है और जनवरी फरवरी में स्नो फॉल की संभावना होती है। जिन सैलानियों को स्नो का एडवेंचर लेना हो, वे इस मौसम में जा सकते हैं।
नीतू गुप्ता

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