अटकलों के बीच केन्द्र सरकार ने किया स्पष्ट.....जीएसटी से शिक्षा नहीं होगी महँगी

अटकलों के बीच केन्द्र सरकार ने किया स्पष्ट.....जीएसटी से शिक्षा नहीं होगी महँगी

नई दिल्ली। सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से शिक्षा महंगी होने की खबरों का आज खंडन करते हुये कहा कि शिक्षा से जुड़े क्षेत्रों में जीएसटी से कोई बदलाव नहीं आयेगा, बल्कि स्कूल बैग जैसे उत्पादों पर कर कम किये गये हैं और छात्रों, फैकल्टी और कर्मचारियों को शिक्षण संस्थानों द्वारा दी गई सेवाओं को जीएसटी से बाहर रखा गया है। इस संबंध में आ रही खबरों को सरकार ने पूरी तरह से भ्रामक बताते हुये कहा कि वास्तव में शिक्षा से जुड़े क्षेत्रों में जीएसटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। स्कूल पूर्व शिक्षा से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्कूल या इसके समकक्ष तक शिक्षा, मान्यता प्राप्त उपाधि हासिल करने के पाठ्यक्रम पर आधारित शिक्षा और मान्य वोकेशनल शिक्षा पाठ्यक्रम को जीएसटी से बाहर रखा गया है। सरकार ने कहा कि स्कूल पूर्व शिक्षा या उच्चतर माध्यमिक स्कूल या उसके समकक्ष की शिक्षा देने वाले शिक्षण संस्थान द्वारा छात्रों के परिवहन, फैकल्टी और कर्मचारियों की सेवाओं को जीएसटी से बाहर रखा गया है। इसी तरह से उच्चतर माध्यमिक स्कूल तक की शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षण संस्थानों में केन्द्र, राज्य सरकार या संघ शासित प्रदेशों द्वारा प्रायोजित स्कीम के तहत दिये जाने वाले मिड-डे मिल सहित कैटरिंग को भी जीएसटी से बाहर रखा गया है।

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इन शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा या क्लिनिंग या हाउसकीपिंग सेवायें भी जीएसटी से बाहर हैं। इतना ही नहीं इन शिक्षण संस्थानों द्वारा उच्चतर माध्यमिक तक दाखिला और परीक्षा आयोजित करने को भी जीएसटी से अलग कर दिया गया है। बयान में कहा गया है कि इसके परिणामस्वरूप उच्चतर माध्यमिक स्कूल तक की शिक्षा जीएसटी पर आउटपुट सेवाओं से प्रभावित नहीं होगी, हालाँकि सरकार ने कहा कि निजी सेवा प्रदाताओं द्वारा शिक्षण संस्थानाओं को दी जाने वाली परिवहन, कैन्टीन आदि की सेवाओं पर जीएसटी से पहले से सेवा कर लग रहा था और जीएसटी के बाद भी इन्हें यथावत रखा गया है। सरकार ने कहा है कि अनाथ, परित्यक्त या आवासहीन बच्चों, शारीरिक या मानसिक तौर पर प्रताड़ति तथा प्रताडऩा के शिकार व्यक्तियों, कैदियों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 65 वर्ष से अधिक के व्यक्तियों के लिए आयकर कानून की धारा 12ए ए के तहत पंजीकृत प्रतिष्ठानों द्वारा संचालित शैक्षिक कार्यक्रमों या कौशल विकास जैसी धर्मार्थ गतिविधियाँ भी जीएसटी से बाहर हैं।

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